Home Remedy : ये देसी जड़ी-बूटियां हार्ट अटैक का खतरा कम करती है और कोलेस्ट्रॉल लेवल भी.

खान-पान की खराब आदतें, गतिहीन जीवनशैली और एक्सरसाइज की कमी कोलेस्ट्रॉल लेवल को अनहेल्दी तरीके से बढ़ाने का काम करती है, जिसकी वजह से शरीर के अंदर की कार्यक्षमता बुरी तरीके से प्रभावित होती है.

हाई कोलेस्ट्रॉल के लिए आयुर्वेदिक उपचारों में डाइट को सीमित करना, मसाज, योग, सांस लेने की तकनीक, बर्ताव में बदलाव, एक्सरसाइज, क्लींजिंग, हीट थेरेपी, एनिमा और हर्बल सप्लीमेंट शामिल है.

आइए जानते हैं हाई कोलेस्ट्रॉल को कम करने के 4 आयुर्वेदिक तरीके:

डाइट और लाइफस्टाइल चेंज
कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के लिए जरूरी है कि आप सबसे पहले शरीर में कफ को सही तरीके से मैनेज करें. हाई कोलेस्ट्रॉल के मामले में कफ वाली संतुलित डाइट लेना बहुत ही जरूरी है. इसके अलावा आपका आलस भरा लाइफस्टाइल कोलेस्ट्रॉल के लिए बिल्कुल भी हेल्दी साबित नहीं होता है.

धनिया बीज
धनिया बीजों का इस्तेमाल ढेर सारे आयुर्वेदिक नुस्खों में बरसों से होता आ रहा है. ऐसा इसलिए क्योंकि इन बीजों में फोलिक एसिड, विटामिन ए और विटामिन सी जैसी चीजों की मात्रा बहुत ज्यादा पाई जाती है. ये पोषक तत्व धनिया बीजों को आपके शरीर को तेजी से डिटॉक्स करने में गति प्रदान करते हैं.

मेथी के बीज
मेथी के बीजों का इस्तेमाल लंबे अरसे से खाद्य पदार्थों को फ्लेवर देने के लिए होता आ रहा है लेकिन इसके फायदे सिर्फ स्वाद तक ही सीमित नहीं है. मेथी के बीजों को बरसों से उसके चिकित्सीय गुणों के कारण कई आयुर्वेदिक औषधियों में इस्तेमाल किया जाता है. इन बीजों में मौजूद विटामिन ई के साथ-साथ एंटी-डायबिटीज, एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण आपके स्वास्थ्य के लिए गुणकारी होते हैं.

तेल के सेवन को कम करें
पाम ऑयल और नारियल के तेल में मौजूद सैच्यूरेटेड फैट की उच्च मात्रा शरीर में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के लेवल को बढ़ाने के साथ-साथ ह्रदय रोग के खतरे को भी बढ़ाने का काम करती है. इसलिए इस तरह के तेल के सेवन में कमी लाने की कोशिश करें.