Burning Sensation in Hands and Feet : हाथ और पैरों में जलन क्यों होती है? जानें 5 कारण.

Burning Sensation in Hands and Feet in Hindi: खराब पोजिशन में बैठने, लंबे समय तक खड़े रहने या फिर भारी समान उठाने की वजह से अकसर लोगों को पैरों और हाथों में दर्द होने लगता है। हाथों और पैरों में दर्द होना तो सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर पैरों और हाथों में जलन हो तो यह सामान्य नहीं होता है। पैरों और हाथों में होने वाला जलन नर्व डैमेज होने की वजह से हो सकती है। नसों के डैमेज होने के भी कई कारण हो सकते हैं। डायबिटीज और विटामिन बी12 की कमी को नसों के डैमेज होने का मुख्य कारण माना जाता है। लेकिन इसके अलावा भी कई ऐसे कारण हैं, जो हाथों और पैरों में जलन पैदा कर सकते हैं। तो चलिए, जानते हैं हाथ-पैरों में जलन क्यों होती है? (Hath Pairo me Jalan ke Karan)

हाथ-पैरों में जलन क्यों होती है?- Burning Sensation in Hands and Feet in Hindi

1. स्मॉल फाइबर न्यूरोपैथी
स्मॉल फाइबर न्यूरोपैथी एक समस्या है, जिसमें आपको पैरों और हाथों में जलन महसूस हो सकती है। स्मॉल फाइबर न्यूरोपैथी की समस्या तब होती है, जब पेरिफेरल नर्वस सिस्टम के स्मॉल फाइबर को नुकसान पहुंचता है। इसकी वजह से पैरों और हाथों की त्वचा में दर्द, गर्मी और जलन महसूस हो सकती है। स्मॉल फाइबर न्यूरोपैथी की वजह से पैरों, हाथों के साथ ही पूरे शरीर में जलन हो सकती है।

2. क्रोनिक इंफ्लेमेटरी डिमाइलेटिंग पोलीन्यूरोपैथी
क्रोनिक इंफ्लेमेटरी डिमाइलेटिंग पोलीन्यूरोपैथी (सीआईडीपी) की समस्या भी पैरों और हाथों में जलन का एक कारण हो सकती है। यह एक न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है। यह एक ऐसी स्थिति हैं, जिसमें पैरों और शरीर के अन्य हिस्सों में सुन्नता और दर्द के साथ ही जलन का भी अनुभव हो सकता है। जब किसी व्यक्ति को सीआईडीपी होता है, तो इसके लक्षण कम से कम 8 सप्ताह में महसूस हो सकते हैं। यह समस्या वयस्कों की तुलना में बुजुर्गों में अधिक देखने को मिलती है।

3. यूरीमिया
यूरीमिया एक क्रोनिक किडनी डिजीज है। यह समस्या किडनी को खराब करने का कारण बन सकती है। यूरीमिया आमतौर पर एक क्रोनिक और अंतिम चरण की किडनी की स्थिति में हहोता है। यूरीमिया की वजह से आपको पैरों में दर्द और जलन का अनुभव हो सकता है।

यूरेमिया तब होता है, जब आपकी किडनी खराब हो जाती है। यह एक गंभीर स्थिति है और अगर इलाज न किया जाए, तो यह जानलेवा भी हो सकता है। इसलिए अगर आपको पैरों में थोड़ा भी दर्द या जलन है, तो डॉक्टर से जरूर कंसल्ट करें।

4. डायबिटीज
डायबिटीज भी हाथों और पैरों में होने वाले जलन का एक मुख्य कारण हो सकता है। दरअसल, डायबिटीज होने पर व्यक्ति के शरीर में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है। जब लंबे समय तक ब्लड शुगर का स्तर अनियंत्रित रहता है और सामान्य नहीं होता है, तो इस स्थिति में आपको न्यूरोपैथी से संबंधित दिक्कते होनी शुरू हो सकती हैं। ऐसे में आपको हाथों और पैरों की नसों में जलन महसूस हो सकती है। इसलिए अगर आपको पैरों या हाथों पर जलन हो, तो एक बार ब्लड शुगर की जांच जरूर करवा लें।

5. विटामिन बी12 की कमी
विटामिन बी12 हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है। जब शरीर में विटामिन बी12 की कमी होती है, तो कई दिक्कते होनी शुरू हो जाती है। विटामिन बी12 की कमी नसों को भी प्रभावित कर सकता है। इस स्थिति में विटामिन बी12 की कमी की वजह से आपको हाथों और पैरों में जलन महसूस हो सकती है। इसलिए हाथों और पैरों में जलन होने पर आपको विटामिन बी12 की जांच भी जरूर करवानी चाहिए।

Burning Sensation in Hands and Feet in Hindi: स्मॉल फाइबर न्यूरोपैथी, क्रोनिक इंफ्लेमेटरी डिमाइलेटिंग पोलीन्यूरोपैथी, यूरीमिया, डायबिटीज और विटामिन बी12 की कमी की वजह से हाथों पर पैरों में जलन महसूस हो सकती है। इसलिए अगर आपको भी हाथों या पैरों में जलन, झुनझुनी या सूई चुभने जैसा महसूस हो, तो इन स्थितियों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें।