Marriage tips : क्या होती प्री-मैरिज काउंसलिंग? जानें इससे मिलने वाले फायदें.

Pre Marital Counseling tips: ट्रेंड में चल रहे प्री मैरिज काउंसलिंग में लोग काउंसलर से जीवनसाथी और आने वाली स्थितियों पर सवाल या चर्चा करते हैं. इसके पीछे अहम उद्देश्य है कि शादी करने जा रहा जोड़ा एक-दूसरे को पहले ही ठीक से समझ ले.शादी से जुड़ा फैसला लाइफ का वो हिस्सा है, जो अगर गलत ले लिया जाए, तो बाद में पछतावे के अलावा कुछ हासिल नहीं होता.

आज के समय में शादी करने वाले युवा बहुत सोच-विचार करके फैसला लेते हैं. भले ही उनके माता पिता उनके लिए हमसफर ( Marriage tips in Hindi ) की तलाश करें लेकिन आखिरी फैसला अधिकतर मामलों में युवा ही लेते हैं. लोग अब खुद को शारीरिक के अलावा मानसिक ( Mental health ) रूप से तैयार करके शादी करते हैं, ताकि वे आने वाले स्थितियों के लिए तैयार हो. जिस तरह समाज और युवाओं ने विकास किया है, उसी तरह शादी करने को लेकर भी उनकी सोच में बड़ा बदलाव आया है. शादी से पहले लोग एक-दूसरे को ठीक से जानने की कोशिश करते हैं. इन कोशिशों में से एक है प्री मैरिज काउंसलिंग. ( Pre marital counseling )

ट्रेंड में चल रहे प्री मैरिज काउंसलिंग में लोग काउंसलर से जीवनसाथी और आने वाली स्थितियों पर सवाल या चर्चा करते हैं. इसके पीछे अहम उद्देश्य है कि शादी करने जा रहा जोड़ा एक-दूसरे को पहले ही ठीक से समझ लें. इस लेख में हम आपको प्री मैरिज काउंसलिंग के बारे में विस्तार से बताएंगे, साथ ही इससे मिलने वाले फायदों की जानकारी भी देंगे.

क्या है प्री मैरिज काउंसलिंग

ये एक तरह की थेरेपी होती है, जिसमें शादी का फैसला लेने जा रहे युवा इसके बाद होने वाली समस्याओं पर चर्चा करते हैं. वे पैसों लेकर लाइफ में बच्चे की एंट्री के बाद बनने वाले हालात क्या होंगे, इन सब पर बातचीत करते हैं. इसमें उन्हें एक-दूसरे के व्यवहार और कमजोरियों को जानने का मौका मिल सकता है. काउंसलर की मदद से आप कमियों को दूर करके शादी में आने वाली समस्याओं से पहले ही बच सकते हैं. एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस थेरेपी को अपनाकर आप अपने सुखी वैवाहिक जीवन की रूपरेखा तैयार कर सकते हैं.

जानें इससे मिलने वाले फायदे

प्रॉब्लम्स को दूर करने में मदद: रिश्ते में परेशानियों के आने का बाद लोग समाधान के बजाय समस्याओं में उलझे रहते हैं. ऐसे में रिश्ता टूटने की कगार पर आ जाता है. ऐसे हालातों से बचने के लिए शादी से पहले काउंसलर की मदद लें. वह आपको समाधान ढूंढने के तरीके बताएगा और पॉजिटिव रहने की सलाह देगा.

आक्रामक व्यवहार: कुछ लोग आक्रामक व्यवहार की प्रवृति के होते हैं और उनका ये व्यवहार शादी जैसे अटूट बंधन पर भी काले साये का काम कर सकता है. अक्सर लोग शादी के बाद पार्टनर के प्रति आक्रामक हो जाते हैं. ये व्यवहार उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचा सकता है. ऐसे में काउंसलर की मदद से ऐसे युवा अपने इस व्यवहार पर काबू पा सकते हैं. युवाओं को चीजें अगर समझ आती हैं, तो वे अपने अंदर मौजूद कमियों को दूर कर सकते हैं.