Dermatitis Neglecta : डर्मेटाइटिस नेगलेक्टा की बीमारी साफ सफाई न रखने से होती है जानें इसके लक्षण.

Dermatitis Neglecta in Hindi: साफ-सफाई का सही ध्यान न रखने से आपको कई तरह की बीमारी और समस्याओं का खतरा रहता है। खराब हायजीन की वजह से स्किन से जुड़ी बीमारियों का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। अगर आप भी शरीर की साफ-सफाई और हायजीन का सही ध्यान नहीं रखते हैं, तो इसकी वजह से आपको डर्मेटाइटिस नेगलेक्टा (Dermatitis Neglecta) नाम के स्किन डिसऑर्डर का खतरा बढ़ जाता है। इस समस्या में आपको खुजली, सूजन और कई गंभीर समस्याओं का खतरा रहता है। डर्मेटाइटिस नेगलेक्टा की वजह से आपकी स्किन लंबे समय तक प्रभावित हो सकती है। आइए विस्तार से जानते हैं इस समस्या के बारे में।

डर्मेटाइटिस नेगलेक्टा क्या है?- Dermatitis Neglecta in Hindi
स्किन की साफ-सफाई और हायजीन का ध्यान न रखने की वजह से आपको डर्मेटाइटिस नेगलेक्टा नामक स्किन डिसऑर्डर का खतरा रहता है। बाबू इश्वर शरण हॉस्पिटल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अजीत के मुताबिक इस समस्या में आपकी स्किन पर सूजन हो जाती है और खुजली की समस्या होती है। समय पर न नहाने और स्किन पर मौजूद डेड स्किन के इकठ्ठा होने से डर्मेटाइटिस नेग्लेक्टा का खतरा रहता है। इस समस्या की वजह से आपको स्किन पर इरिटेशन और सूजन का सामना करना पड़ता है।

डर्मेटाइटिस नेगलेक्टा के कारण- What Causes Dermatitis Neglecta in Hindi
डर्मेटाइटिस नेग्लेक्टा की समस्या साफ-सफाई की कमी के कारण होती है। इसकी वजह से स्किन पर सूजन की समस्या होती है। डर्मेटाइटिस नेग्लेक्टा ऐसे लोगों को ज्यादा होती है, जो लंबे समय तक नहाते नहीं है या सही ढंग से स्किन की साफ-सफाई नहीं करते हैं। स्किन पर मौजूद गंदगी, ऑयल और डेड सेल्स की वजह से इस समस्या का खतरा ज्यादा रहता है।

डर्मेटाइटिस नेग्लेक्टा के लक्षण- Dermatitis Neglecta Symptoms in Hindi
डर्मेटाइटिस नेग्लेक्टा की समस्या में आपकी स्किन पर सूजन और इरिटेशन की समस्या होती है। सही समय पर इस बीमारी का इलाज न कराने से आपको स्किन इन्फेक्शन या स्किन से जुड़ी दूसरी समस्या हो सकती है। डर्मेटाइटिस नेग्लेक्टा की समस्या में आपकी स्किन पर ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं-

स्किन पर सूजन

स्किन पर पपड़ी पड़ना

खुजली और रैशेज

डेड सेल्स का बढ़ना

लक्षण और बचाव
डर्मेटाइटिस नेग्लेक्टा की समस्या का इलाज हर व्यक्ति में अलग-अलग तरीके से होता है। डॉक्टर मरीजों को इस बीमारी में कुछ एंटी-सेप्टिक और एंटी-बैक्टीरियल साबुन से रोजाना नहाने की सलाह देते हैं और नियमित रूप से स्किन का ध्यान रखने को कहते हैं। इसके अलावा ऐसे लोग जिन्हें यह समस्या गंभीर रूप से होती है उन्हें कुछ दवाओं के सेवन की सलाह भी दी जाती है।